ऋषिकेश- शनि देव के राशि परिवर्तन से 8 राशियों पर पड़ेगा इसका प्रभाव

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह का राशि परिवर्तन एक साथ 5 राशियों को प्रभावित करता है। 3 राशियों पर शनिदेव की साढ़े साती और 2 राशियों पर शनि की ढैय्या एक साथ रहती है।
शनि देव एक राशि से दूसरी राशि में जाने में करीब ढाई साल का समय लेते हैं। शनि जब भी अपनी राशि बदलते हैं तो अगली राशि पर 7.5 साल की शनि की साढ़े साती शुरू हो जाती है और 2 नई राशियों पर तो शनि की ढैय्या शुरू हो जाती है। जबकि जिस राशि मे शनि होते हैं और उससे पहले वाली राशि पर शनि की साढ़े साती चल रही होती है। इस तरह शनि देव महाराज एक साथ 5 राशियों को प्रभावित करते हैं। इसमें धनु, मकर, कुम्भ, मिथुन, तुला राशि सामिल हैं। न्याय के देवता शनि देव महाराज 24 जनवरी 2020 से मकर राशि में हैं। जिस कारण शनि देव की लपेट में 5 राशियां धनु, मकर और कुंभ वालों पर शनि साढ़े साती चल रही है, जबकि मिथुन और तुला वालों पर शनि ढैय्या चल रही है।
मीन, कर्क, वृश्चिक राशि-
शनि देव का अगला राशि परिवर्तन 29 अप्रैल 2022 को होने जा रहा है। तब शनि देव कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। और शनि के कुंभ राशि में जाते ही मीन राशि के जातकों पर शनि साढ़े साती शुरू हो जाएगी। साथ ही कर्क और वृश्चिक वालों पर शनि ढैय्या। धनु राशि वाले शनि की साढ़े साती से मुक्त हो जायेंगे। मिथुन और तुला वाले शनि की ढैय्या से मुक्त हो जाएंगे। लेकिन शनि देव 2022 में ही 12 जुलाई को एक बार फिर से अपनी राशि बदलेंगे। शनि वक्री चाल चलते हुए 12 जुलाई को फिर से मकर राशि में प्रवेश कर जायेंगे। जिस कारण से वह पांचों राशियां जो शनि की दृष्टि के प्रभाव से हटीं थीं। शनि 12 जुलाई 2022 से लेकर 17 जनवरी 2023 तक मकर राशि में रहेंगे। इसके बाद मार्गी होकर फिर से कुंभ राशि में चले जायेंगे।
इस प्रकार से 29 अप्रैल 2022 से लेकर 12 जुलाई 2022 तक मकर, कुंभ और मीन वालों पर शनि की साढ़े साती रहेगी। जबकि इस दौरान कर्क और वृश्चिक वालों पर शनि की ढैय्या रहेगी। वही 12 जुलाई 2022 से लेकर 17 जनवरी 2023 तक मकर और कुंभ राशि के साथ ही धनु राशि पर भी शनि की साढ़े साती रहेगी और मिथुन और तुला वालों पर शनि की ढैय्या रहेगी। 2022 में धनु, मकर, कुंभ, मीन, मिथुन, तुला, कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर शनि का प्रभाव रहेगा। वहीं कुछ ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनि की चाल व गोचर के परिणाम या असर जातकों पर शनि देव के राशि परिवर्तन से 6 माह पहले ही शुरू हो जाते हैं। 29 अप्रैल 2022 से ठीक 6 माह पहले यानी 29 नवंबर से ही जातकों पर न्याय के देव शनि का असर दिखाई देना शुरू हो सकता है। जबकि इस समय सिर्फ 4 राशि- मेष, वृषभ, सिंह और कन्या के जातक ही न्याय के देवता शनि देव की दशा से मुक्त रहेंगे।

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