ऋषिकेश- ऊंचे विचारों और संस्कारों से ही व्यक्ति महान बनता है – महामाया प्रसाद शास्त्री

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – कथा वाचक महामा उनया प्रसाद शास्त्री ने कहा कि मनुष्य महान धन संपत्ति से नहीं बनता अपितु ऊंचे विचारों और संस्कारों से व्यक्ति महान होता है। जिस व्यक्ति में उच्च विचार और अच्छे संस्कार होते हैं उस मनुष्य का हर जगह सम्मान व आदर किया जाता है।
सोमवार को पशुलोक विस्थापित में श्रीमद् भागवत कथा का विधिवत समापन हो गया है। इस मौके पर कथावाचक आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री के सानिध्य में भक्तों द्वारा हवन पूजन किया गया। इस मौके पर भक्तों को श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराते हुए आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री ने कहा कि संस्कारित मनुष्य का हर जगह आदर होता है। उन्होंने कहा कि सुदामा एक अत्यंत गरीब था लेकिन परमात्मा के दरबार में वह बहुत बड़ा धनवान था। भगवान ने अगर किसी भक्त की पूजा की तो वह सुदामा है। क्या कमाई जीवन और महान भक्त के कारण ही तीनों लोकों के स्वामी भगवान श्री कृष्ण सुदामा की भक्ति से उसके शरणागत हो गए थे। अगर प्रभु को अपने शरणागत करना है तो इसके लिए मनुष्य में त्याग और भक्ति का होना जरूरी है। कथा श्रवण करने वालों में प्रताप सिंह तडियाल, यशपाल सिंह, देवेश्वरी राणा, रमेश राणा, संगीता नेगी, महावीर सिंह नेगी, सरला नेगी, बिरोजनी भट्ट, सरला भट्ट, मंजू भट्ट आदि शामिल थे।

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