ऋषिकेश- टेंपो चालकों ने आरटीओ कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन दिया

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – ई रिक्शा के खिलाफ टेंपो चालकों ने एआरटीओ कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ई रिक्शा के रूट निर्धारित करने और भविष्य में ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन नहीं करने की मांग की।

गुरुवार को सभी टेंपो चालकों ने सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर जुलूस निकालते हुए एआरटीओ कार्यालय का घेराव किया। इस मौके पर टेंपो यूनियन के पदाधिकारियों ने एक ज्ञापन एआरटीओ को सौंपा। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि ई रिक्शा चालक नियम विरुद्ध हाईवे पर सवारियों को लेकर आवागमन कर रहे हैं। जिसकी वजह से टेंपो चालकों की इनकम पर फर्क पड़ रहा है। इसके साथ ही शहर में जाम की स्थिति भी बन रही है। टेंपो यूनियन के अध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में शहर के अंदर 1300 टेंपो और 700 ई रिक्शा संचालित हो रहे हैं। जबकि हरिद्वार से आने वाले लगभग 3000 ऑटो ई-रिक्शा और टेंपो भी पहुंचते हैं। शहर बहुत छोटा है यहां पहले से ही सड़कों की स्थिति के अनुसार वाहनों की संख्या बहुत अधिक है। शहर में पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं है। पूर्व में शासन प्रशासन की ओर से कमेटी का गठन भी किया गया था। जिसमें पुलिस क्षेत्राधिकारी, उपजिलाधिकारी और एआरटीओ को शामिल किया गया। टीम ने सर्वे कर अपने रिपोर्ट में लिखा था कि ऋषिकेश क्षेत्र में किसी भी प्रकार के टेंपो ई रिक्शा पर हल्के वाहनों की जरूरत नहीं है। यदि भविष्य में जरूरत पड़ेगी तो उनके लिए रूट निर्धारित किए जाएंगे। बताया कि उन्हीं रूटों के अनुसार ई-रिक्शा को परमिट जारी किए गए। जिसे कुछ समय बाद समाप्त कर दिया गया। टेंपो चालकों ने चेतावनी दी है यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी मांगे वर्तमान में चल रहे ई-रिक्शा का रूट निर्धारित करने और आगे नए ई रिक्शा को पंजीकरण नहीं करने की है। एआरटीओ अरविंद पांडे ने बताया कि ई-रिक्शा को भारत सरकार ने परमिट मुक्त रखा है। जिसकी वजह से वह किसी भी राज्य में टैक्स जमा कर किसी भी मार्ग पर आवागमन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन रोकना और रूट निर्धारित करने की पावर राज्य सरकार के पास है। जो ज्ञापन टेंपो चालकों की ओर से दिया गया है उसे वह सरकार के पास प्रेषित कर देंगे।

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