ऋषिकेश- जीवात्मा और परमात्मा का मिलन ही गंगा कथा का मुख्य ध्येय – डॉ. दुर्गेश आचार्य

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – राष्ट्रीय संत कथा वाचक डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज ने कहां कि जीव आत्मा से परमात्मा का मिलन ही गंगा कथा का मुख्य दिए हैं। अतः हमें गंगा के महत्व को समझ कर उसकी स्वच्छता के प्रति विशेष ध्यान देना चाहिए।
ओम विश्व शांति सद्भावना धाम भानियावाला में राष्ट्रीय संत कथा वाचक डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज ने भक्तों को गंगा कथा का श्रवण कराया। गंगा कथा के महत्व का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि कृष्ण द्वैपायन व्यास ने जनमजेय को गंगा जल पिलाकर अमरत्व प्रदान किया था। एक मूर्ख बालक उतम्य ने गंगा तट पर सत्य बोलने व जीवो पर दया करने का व्रत लेकर परमात्मा का दर्शन पाया और सत्यव्रत नाम से ख्याति प्राप्त की। भक्त प्रह्लाद ने भी अलकनंदा के तट पर नर नारायण का चतुर्भुज स्वरूप प्राप्त किया। लेकिन वर्तमान में मां गंगा संकट में है मां गंगा की स्वच्छता ही मानव का प्रथम धर्म है। कोविड-19 का अंत भी शुद्ध वायु और गंगा के अमृत जल के सेवन से ही होगा।

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