ऋषिकेश- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वछता मिशन पर पलीता लगाता नगर निगम ऋषिकेश,नही उठ रहा समय पर घरो से कूड़ा
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – नगर निगम ऋषिकेश के कूड़ा वाहनों के द्वारा प्रतिदिन घरों से कूड़ा न उठाए जाने के कारण लोग परेशान हैं। घरों में सड़ रहा कूड़ा घातक बीमारी को न्योता दे रहा है।
नगर निगम ऋषिकेश की ओर से ठेके पर दिए गए कूड़ा वाहनों द्वारा प्रतिदिन घरों से कूड़े का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। ऐसे में लोगों के घरों में जमा कूड़ा सड़ रहा है। इससे लोगों में एक घातक बीमारी को फैलने का भी भय लगा रहता है। वार्ड 14,18,19 मे रहने वाले लोगों का कहना है कि नगर निगम ऋषिकेश जनता के साथ
घिनौना खिलवाड़ कर रहा है।
हफ्ते हफ्ते भर तक कूड़ा वाहन घरों से कूड़ा उठाने नहीं आ रहा है। जबकि प्रत्येक घर से हर महा नगर निगम ऋषिकेश के द्वारा 50 रूपए शुल्क लिया जा रहा है। अगर कूड़ा वाहनों की यही लापरवाही रही तो लोग अपने घरों का कूड़ा सड़क व खंडहरों में डालना शुरू कर देंगे इससे नगर निगम का स्वच्छता अभियान भी खटाई में पड़ जाएगा। वर्तमान में नगर निगम ऋषिकेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहा है।
नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा नगर की जनता को भुगतने पर मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा अपने फायदे के लिए कूड़ा वाहनों को ठेके पर दे दिया गया है। ठेकेदार द्वारा सीधे तौर पर कूड़ा वाहन चालकों का भी खुलेआम शोषण किया जा रहा है। जब से कूड़ा वाहनों को ठेके पर दे दिया गया तब से लोगों को कूड़ा निस्तारण की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
ठेकेदार की मनमानी का यही हाल रहा तो आगे भी निगम की जनता को इससे भी बड़ी बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

इधर नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश के कारण डंपिंग ग्राउंड में दलदल होने के कारण कूड़ा वाहन अंदर तक नहीं घुस पा रहे हैं। इससे कूड़ा डंप करने में समस्या आ रही है। लिहाजा डंपिंग ग्राउंड से कूड़ा हटाकर समस्या का समाधान किया जा रहा है। आगे से लोगों को कूड़ा निस्तारण की शिकायतें नहीं आएंगी। लेकिन हकीकत यह है की डंपिंग मैदान जो लोग काबिज है वह लोग अपनी सीमाओं का लगातार विस्तार कर रहे है जिस कारण डंपिंग जोन सिमटता जा रहा है और यह सब निगम की मिली भगत से ही हो रहा है। और घरो से कूड़ा उठाने की योजना को जबसे ठेके प्रणाली के अंतर्गत लाया गया है जब से इस समस्या का बढ़ना लाजिमी है क्योंकि ठेके प्रणाली में कमीशन के रुप मे बड़े स्तर पर भ्र्ष्टाचार हुआ है यह बात किसी छिपी हुई नही है इस कारण ठेकेदार प्रत्येक वार्ड में प्रतिदिन कूड़ा गाड़ी भेजने में समर्थ नही हो पा रहा है क्योंकि पिछले कई महीनों से कुड़े की समस्या को लेकर पार्षद और निगम की जनता अपना विरोध जता चुकी है लेकिन निगम अपनी कुंभकरणी नींद से जाग ही नही पा रहा है।अब इस समस्या का एक ही समाधान है पीड़ित जनता और पार्षदों को नगर निगम में जाकर प्रदर्शन,धरना,तालाबंदी करके इस भ्रष्टाचार के दलदल डूबे निगम को चेताया और जगाया जाए।
