ऋषिकेश- अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के चौथे दिन योगसाधकों ने योग की विभिन्न क्रियाओं का किया अभ्यास

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – गढ़वाल मण्डल विकास निगम व पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अर्न्तराश्ट्रीय योग महोत्सव के चौथे दिन योगसाधकों ने योग की विभिन्न क्रियाओं का अभ्यास कर योगाचार्यों से योग की बारिकियों के गुरमंत्र लिए।
प्रातःकालीन सत्र में आर्ट ऑफ लिविंग के मोहित सती ने अश्टांग योग एवं सूक्ष्म व्यायाम के बारे में बताते हुए कहा कि हमारे जीवन के हर पहलू में योग छिपा हुआ है। जाने अनजाने हमारी दिनचर्या के पूरे क्रियाकलाप योग से जुड़ते हुए जीवन के अविभाज्य अंग बने हुए हैं। योग केवल शरीर पर ही काम नहीं करता वरन यह मन को शक्तिशाली व तनाव रहित बनाता है। उन्होंने कहा कि कमजोर शरीर को शक्तिशाली मन चला सकता है। उन्होंने कहा कि अष्टांग योग के आठ अंग हैं, यम, नियम, आसन, प्राणायाम, धारणा, ध्यान, प्रतिहार और समाधि इनको भले ही अलग-अलग देखा जाता है मगर ये एक दूसरे से जुडे हुए हैं। पहले छः को जोड़कर ध्यान लगता है और तब वह समाधि की और जाता है। योग सिर्फ आसन नहीं है वरन यह मन, शरीर को जोड़ने वाली कला है।
दूसरी तरफ नगर पालिका हाल में हठ योगी सन्त स्वामी जीतानन्द ने अभयान्तर क्रिया योग, दण्ड क्रिया, संकुचन प्रसारण, पाद ग्रिहवा योग का अभ्यास कराते हुए इसकी उपयोगिता के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी उन्होंने कहा कि यह क्रिया शरीर को स्वस्थ रखने में इतनी सहायक है कि अन्य योगों की आवश्यकता नहीं पड़ती है। संस्कृत विष्वविद्यालय के प्रोफेसर, डॉ. लक्ष्मी नारायण जोशी ने नाड़ी विज्ञान व योग चिकित्सा के बारे में बताते हुए कहा कि शरीर की धमनियों में रक्त संचार से कोई भी अंग सहजता से काम करता रहता है, लेकिन जिस दिन रक्त संचार की यह सहजता धीमी पड़ जाये तो अंगों में विकार उत्पन्न हो जाता है। इसलिए योग से शरीर के पूरे तन्त्र को ठीक रखा जा सकता है ताकि सारे अंग प्रत्यंग सही व सुचारू रूप से काम करते रहें। उन्होंने कहा कि नाड़ी चिकित्सा विज्ञान तीन सिद्धान्तों पर काम करता है। पहला-हृदय से शरीर के अंगों को निर्बाध गति से रक्त की आपूर्ति करना दूसरा-मस्तिश्क से निकलने वाली नाड़ियों द्वारा रक्त की आपूर्ति सभी अंगों को मिलते रहना तीसरा-प्राण ऊर्जा की आपूर्ति का शरीर के सभी अंगों तक पहुँचते रहना। सांय कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में त्रिभुवन महाराज व सुमित कुटानी द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गई जो दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र रहा।
कार्यक्रम स्थल पर गढ़वाल मण्डल विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक, डॉ. आशीष चौहान, महाप्रबन्धक(पर्यटन) जितेन्द्र कुमार, महाप्रबन्धक(प्रशासन ), अवधेष कुमार सिंह, महाप्रबन्धक(वित्त) एवं अभिशेक कुमार आनन्द सहित अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।

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