ऋषिकेश- अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के तीसरे दिन योगाचार्यों ने योग साधकों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश – गढ़वाल मण्डल विकास निगम व पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के तीसरे दिन योगाचार्यों ने योग साधकों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया और स्वस्थ्य जीवन के लिए योग के महत्व से साधकों को अवगत कराया।
बुधवार को मुनी की रेती स्थिति गढ़वाल विकास निगम के गंगा रिसोर्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के तीसरे दिन नाड़ी विज्ञान व योग चिकित्सा के मर्मज्ञ संस्कृत विष्वविद्यालय के प्रोफेसर डाॅ. लक्ष्मी नारायण जोशी ने प्रातःकालीन सत्र में योग चिकित्सा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आसन करते हुए यदि चिकित्सीय लाभ लेनें हैं तो साधक को आसन सही तरीका, समय सीमा और आसन के बाद किये जाने वाले पूरक आसन की जानकारी होनी चाहिए। आसन में उपयोग में आने वाली नाड़ी पर सही दबाव यदि डाला जाय तो तभी चिकित्सीय लाभ मिलते हैं, उदाहरण के लिए मधुमेह रोगी जब मण्डूक आसन, अर्द्धमत्सेन्द्र आसन को करते हैं तो कन्ध योनि स्थान पर दबाव डालें जो कि नाभि के पास का स्थान है तो इन्सुलिन की मात्रा शरीर में बढ़ने लगेगी जिसका कि लाभ मधुमेह रोगी को मिलेगा । इसी प्रकार कब्ज को दूर करने के लिए ताड़ आसन, त्रियक ताड आसन और कटी चक्र आसन का अभ्यास बहुत ही लाभकारी होता है। इसी प्रकार यदि तनाव को दूर करना है तो नियमित रूप से नाड़ी शोधन प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए। यह मस्तिश्क को शक्ति देता है और स्मृति का विकास कर तनाव को दूर करता है। योग साधक आचार्य मित प्रसन्ना ने पाॅवर योगा व योग निन्द्रा के बारे में साधकों को जानकारी दी और अभ्यास कराये। योग महोत्सव में योगी गुलशन कुमार ने कोरोना से बचाव के लिए योग की अनेकों विधियों की जानकारी देते हुए बताया कि योग से व्यक्ति के शरीर की प्रतिरक्षण प्रणाली मजबूत होती है और कोरोना काल में जो लोग तनाव ग्रस्त थे उन्हें मेडिटेशन से काफी राहत मिली है। ब्रह्मकुमारी विष्वविद्यालय की बीके शीवानी ने योग साधकों को आॅनलाईन(वर्चुअल) माद्यम से संबोधित करते हुए कहा कि हमारा मन और चित प्रश्नों में उलझा रहता है तो हम खुश नहीं रह पाते हैं, जो प्रश्नचित होता है व प्रसन्न नहीं रह पाता ऐसे ही मन उलझनों में रहता है कि ऐसा क्यों हुआ हमारे साथ ही ऐसा क्यों होता है। इस कोरोना काल में लोगों ने योग के महत्व को समझा और उसे जीवन में उतारने की कोशिश की, योग केवल शाररिक व्यायाम नहीं है योग जीवन जीने का तरीका है जो इस सृश्टि की हर समस्या को हल कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सोच वातावरण पर असर करती है। हवा, पानी, फूल, पौधे, पत्ते सब पर हमारी सोच का असर पड़ता है इसलिए हमें पहले अपनी सोच को सही करना चाहिए। ऐसा कुछ भी न सोचे जो आप चाहते नहीं हैं। इससे पूर्व महाप्रबन्धक(वित्त), अभिशेक आनन्द ने गढ़वाल मण्डल विकास निगम की ओर से बीके शिवानी का आॅनलाईन स्वागत किया। सांय कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्सव ग्रुप, श्रीनगर गढ़वाल द्वारा पाण्डव नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई जो दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र रहा। योग महोत्सव के तीसरे दिन निगम के प्रबन्ध निदेशक आषीश चैहान द्वारा योग से सम्बन्धित सभी कक्षों व स्टालों का निरीक्षण किया। गढ़वाल मण्डल विकास निगम द्वारा गढ़वाली व्यंजनों का स्टाॅल लगाया गया जिसमें बुराँश चाट, कुलथ अनार सोरबा, गहत चाट, कडाली सोरबा, राजमा गलावटी कबाब, मडुवा समोसा चाॅट, बुराँस पकोड़े, बुराँस जैली, ब्राॅउन राईस पुडिंग, देहरादूनी पुडिंग आदि परोसे जा रहें हैं। कार्यक्रम स्थल पर गढ़वाल मण्डल विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक, डाॅ. आषीश चैहान, महाप्रबन्धक(पर्यटन), जितेन्द्र कुमार, अवधेष कुमार सिंह, महाप्रबन्धक(वित्त) अभिशेक आनन्द एवं सहायक प्रधान प्रबन्धक, केएन नौटियाल समेत अनेक अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

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