ऋषिकेश- साइबर ठगों से निपटने के लिए मोदी सरकार तैयार करेगी साइबर कमांडो फोज
त्रिवेणी न्यूज 24
नई दिल्ली _ साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए साइबर कमांडो तैनात किये जाएंगे। अगले पांच साल में देश में पांच हजार साइबर कमांडो तैनात करने का लक्ष्य है। विशेष रूप से प्रशिक्षक साइबर कमांडो साइबर धोखाखड़ी करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर सकेंगे।
गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने साइबर कमांडो के साथ-साथ साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर (सीएफएमसी), साइबर क्राइम की जांच में जुटी एजेंसियों के लिए समन्वय प्लेटफॉर्म और संदिग्ध साइबर अपराधियों की राष्ट्रीय रजिस्ट्री बनाने की नई योजनाओं को लॉन्च किया। अमित शाह ने साफ किया कि साइबर सुरक्षा सिर्फ डिजिटल दुनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का भी एक अहम पहलू है। अमित शाह ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए एजेंसियों के बीच समन्वय और आम लोगों की जागरूकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी राज्य अलग-अलग संदिग्ध साइबर अपराधियों की सूची बनाते हैं, लेकिन साइबर अपराध किसी राज्य या देश की सीमा तक सीमित नहीं होता है। इसके लिए सभी राज्यों के संदिग्ध साइबर अपराधियों की सूची को मिलाकर एक राष्ट्रीय रजिस्ट्री बनाने का फैसला किया है, जो किसी भी राज्य में साइबर अपराध की जांच में मददगार साबित हो सकता है।
विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए सीएफएमसी बनाया गया है। यह बैंकों, वित्तीय संस्थान, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, भुगतान एग्रीगेटर्स के साथ-साथ राज्यों की जांच एजेंसियों को एक मंच पर लाने का काम करेगा। उन्होंने इसे सहकारी संघवाद का बेहतरीन उदाहरण बताया। इसी तरह से समन्यवय प्लेटफॉर्म साइबर अपराध का डाटा संग्रहित करने, उन्हें संबंधित एजेंसियों के बीच वितरित करने, साइबर अपराध का मानचित्र बनाने, उसका विश्लेषण करने के साथ ही साइबर अपराध के खिलाफ काम करने वाली सभी एजेंसियों के लिए वन स्टाप पोर्टल के रूप में काम करेगा।
