ऋषिकेश- एम्स में सीबीआई की छापेमारी, 11 घंटे चली जांच

त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश _ शुक्रवार को डीएसपी के नेतृत्व में सीबीआई की 7 सदस्यों की टीम ऋषिकेश एम्स पहुंची हैै। एम्स में नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों से सीबीआई की टीम द्वारा पूछताछ की जा रही है। वहीं नियुक्ति और खरीदारी में घपले के आरोपों से घिरे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में बीते वर्ष फरवरी में भी सीबीआई की टीम ने छापा मारा था। तबपांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। शुक्रवार को एक बार फिर डीएसपी के नेतृत्व में सीबीआई की टीम एम्स ऋषिकेश पहुंची है। इस टीम में सात लोग शामिल हैं। टीम ने चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में आवश्यक पूछताछ की।
एम्स ऋषिकेश में सीबीआई की एक टीम जांच के लिए आई। एम्स में पूर्व में चिकित्सा उपकरण, मेडिकल स्टोर आवंटन और दवाओं की खरीद, नियुक्तियों के मामले की जांच चल रही है। एम्स के पांच अधिकारियों समेत 8 लोगों पर पूर्व में मुकदमे दर्ज हुए थे।
शुक्रवार को भी CBI के DSP के नेतृत्व में सात सदस्यों की टीम एम्स ऋषिकेश पहुंची । टीम ने पिछले वर्ष 3 से 7 फरवरी को भी छापेमारी की थी। इसके बाद 22 अप्रैल 2022 को भी टीम एम्स पहुंची थी। मुकदमाअब यह तीसरी छापेमारी है।साल 2017-18 में एम्स ने स्वीपिंग मशीनों की खरीदारी की थी।इस खरीदारी में 2.41 करोड़ के घपले की जांच चल रही है। कहा जा रहा है कि दूसरी कंपनी यही मशीन एक करोड़ रुपए में दे रही थीं। ऋषिकेश एम्स में दवा और उपकरणों में पूर्व में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 24 जगहों में छापेमारी की थी।इस मामले में पांच अधिकारियों समेत 8 लोगों को नामजद किया गया है।मामले में तत्कालीन अतिरिक्त प्रोफेसर, तत्कालीन सहायक प्रोफेसर, तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी, एम्स के तत्कालीन लेखा अधिकारी, ऋषिकेश (उत्तराखंड), नई दिल्ली स्थित निजी फर्म के मालिक के नाम शामिल हैं। गौर हो कि रोड स्वीपिंग मशीन की खरीद में 2.41 करोड़ रुपए, जबकि मेडिकल स्टोर की स्थापना के लिए टेंडर के पुरस्कार में 2 करोड़ रुपये (लगभग) का कथित घपले का आरोप है।

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