ऋषिकेश- संत की वेशभूषा में घूम रहे अपराधियों की पहचान के लिए सत्यापन करने को लेकर सौंपा ज्ञापन
त्रिवेणी न्यूज 24
ऋषिकेश- तीर्थनगरी में साधु संत के वेश में घूम रहे अपराधियों की पहचान के लिए सत्यापन करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय संत समिति ने डीजीपी को ज्ञापन प्रेषित किया है।
सोमवार को अखिल भारतीय संत समिति ने महामंडलेश्वर दयाराम दास महाराज की अध्यक्षता में तीर्थ नगरी में साधु संत के वेश में घूम रहे लोगों का सत्यापन कराने के संबंध में पुलिस महानिदेशक देहरादून कोतवाली थाना मुनिकीरेती लक्ष्मण झूला में जाकर संत समाज ने ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में अवगत कराया गया है कि तीर्थनगरी लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनिकीरेती, तपोवन, ऋषिकेश आदि जगहों पर कुछ बाहरी लोग साधु संत के वेष में घूमकर तीर्थनगरी की छवि को धूमिल कर रहे हैं। यह लोग बांगलादेशी और अन्य देशों से आकर त्रिवेणी घाट समेत गंगा किनारे और तटों पर अपना रैन बसेरा बनाए हुए हैं।
सोमवार को अखिल भारतीय संत समिति ने महामंडलेश्वर दयाराम दास महाराज की अध्यक्षता में तीर्थ नगरी में साधु संत के वेश में घूम रहे लोगों का सत्यापन कराने के संबंध में पुलिस महानिदेशक देहरादून कोतवाली थाना मुनिकीरेती लक्ष्मण झूला में जाकर संत समाज ने ज्ञापन प्रेषित किया। इस दौरान यह पर्यटकों और सैलानियों को स्मैक,चरस आदि की सप्लाई करते हैं। हाल ही में थाना मुनिकीरेती क्षेत्र में हरियाणा निवासी एक फक्कड बाबा ने एक युवक को स्मैक और कुछ पैसे के लिए मौत के घाट उतार दिया। इस घटना से तीर्थनगरी के संत समाज आहत हुए हैं। इससे संत समाज की छवि धूमिल हो रही है। तीर्थनगरी में लाखों तादाद में देश, विदेश के पर्यटक और सैलानी आते हैं। अप्रैल महीने से चारधाम यात्रा का आगाज होने जा रहा है। तीर्थनगरी में जी- 20 के कार्यक्रम भी आयोजित होने हैं। जो सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति दोबारा न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन को तीर्थनगर में सत्यापन अभियान ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना आवश्यक है। यदि ऐसा न हुआ तो संत समाज सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य हो जाएगा। ज्ञापन देने वालों में महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास महाराज, स्वामी केशव स्वरूप, ब्रह्मचारी स्वामी चेतन स्वरूप महाराज, स्वामी आलोक हरि महाराज ,स्वामी प्रमोद दास महाराज, स्वामी नारायण दास, साध्वी स्वतंत्रता चैतन्यय, स्वामी राम पदम, दास तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज आदि संत उपस्थित थे।
