जनपद में लैंड बैंक तैयार करने की कवायद तेज, जिलाधिकारी ने दिए भूमि मैपिंग के निर्देश

रुद्रप्रयाग,4 सितम्बर। जनपद में लैंड बैंक तैयार किए जाने को लेकर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को वन विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में उपलब्ध विभिन्न श्रेणी की भूमि का चिह्नीकरण, मैपिंग एवं डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किए जाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने वन विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने विभाग के अंतर्गत आने वाली भूमि का विस्तृत सर्वेक्षण एवं मैपिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वन विभाग को रिजर्व वन भूमि तथा राजस्व विभाग को सिविल भूमि की मैपिंग करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि लैंड बैंक तैयार करने का उद्देश्य उपलब्ध भूमि की स्पष्ट एवं व्यवस्थित जानकारी तैयार करना है, जिससे भविष्य में विभिन्न विकासात्मक एवं जनहित से जुड़ी योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता का आकलन आसानी से किया जा सके। उन्होंने दोनों विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा जीआईएस एक्सपर्ट की सहायता से जनपद में डिग्रेडेड (अवक्रमित) भूमि का भी चिह्नीकरण एवं मैपिंग करने के निर्देश दिए। मैपिंग के दौरान भूमि की स्थिति, स्थान एवं संबंधित आवश्यक विवरण को डिजिटल रूप से दर्ज करने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि मैपिंग का कार्य पूरी सटीकता एवं पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि तैयार किए जाने वाले लैंड बैंक में भूमि से संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य करते हुए आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी तय किया गया कि मैपिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चिन्हित भूमि का के एम एल (कीहोल मार्कअप लैंग्वेज फाइल) के रूप में डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे चिन्हित भूमि को डिजिटल मैप पर देखा और आवश्यकता के अनुसार उसका उपयोग एवं विश्लेषण किया जा सकेगा।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि मैपिंग की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करते हुए आवश्यक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए, ताकि जनपद के लिए एक व्यवस्थित एवं उपयोगी लैंड बैंक विकसित किया जा सके। बैठक के दौरान डीएफओ रुद्रप्रयाग विनीत कुमार, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, उपजिलाधिकारी जखोली भगत सिंह फोनिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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