भाजपा को ‘वंदे मातरम’ पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं: डॉ. प्रतिमा सिंह

देहरादून। भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा ‘वंदे मातरम’ को लेकर दिए गए बेतुके और अमर्यादित बयान पर उत्तराखंड कांग्रेस ने बेहद तीखा और आक्रामक पलटवार किया है। कांग्रेस की प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए भाजपा अध्यक्ष के बयान को उनकी वैचारिक संकीर्णता और राजनीतिक दिवालियेपन का प्रतीक बताया है। प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने भाजपा पर सीधा प्रहार करते हुए कहा, “यह बेहद हास्यास्पद और शर्मनाक है कि जो संगठन स्वतंत्रता आंदोलन से पूरी तरह गायब रहा और जिसने देश की आजादी के बाद पूरे 52 सालों तक अपने नागपुर मुख्यालय पर भारत का गौरव, तिरंगा झंडा नहीं फहराया, आज उसके नेता देशप्रेम और राष्ट्रवाद की बात करते हैं। जिस वैचारिक धारा ने आधी सदी से अधिक समय तक तिरंगे और राष्ट्र के प्रतीकों का बहिष्कार किया, उन्हें कांग्रेस पार्टी के देशभक्ति के इतिहास पर उंगली उठाने का कोई हक नहीं है।” डॉ. सिंह ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास देश के लिए त्याग, बलिदान और राष्ट्र निर्माण का रहा है। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गौरवशाली इतिहास कांग्रेस के अधिवेशनों से जुड़ा है, और भाजपा जैसी सांप्रदायिक राजनीति करने वाली पार्टी से कांग्रेस को देशभक्ति का प्रमाण पत्र लेने की कतई आवश्यकता नहीं है। 52 वर्षों का काला इतिहास है जिनका वो आज देशप्रेम की बातें कर रहे हैं डॉ. प्रतिमा सिंह ने याद दिलाया कि आजादी के बाद दशकों तक अपने ही मुख्यालय पर तिरंगा न फहराने वाले आज छद्म राष्ट्रवाद का चोला ओढ़कर घूम रहे हैं। जनता का ध्यान भटकाने की साजिश भाजपा की पुरानी आदत है उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड, केदारनाथ गर्भगृह सोना घोटाला, चरम पर पहुंची बेरोजगारी, और ध्वस्त कानून व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा अध्यक्ष ऐसे विभाजनकारी बयान दे रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी भाजपा के इस जनविरोधी और ध्यान भटकाने वाले एजेंडे को राज्य की जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब करेगी।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने महेंद्र भट्ट को चुनौती देते हुए कहा कि वे इधर-उधर के अनर्गल बयान देने के बजाय उत्तराखंड के युवाओं की बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा और राज्य के ठप पड़े विकास पर बात करें। कांग्रेस पार्टी भाजपा के इस विभाजनकारी और नफरत भरे एजेंडे को देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरती पर कभी सफल नहीं होने देगी। स्वतंत्रता संग्राम और आज़ादी की लड़ाई का मतलब भी महेंद्र भट्ट को पता नहीं होगा क्यूँकि ये उस पार्टी के हैं जो माफीवीर सावरकर को पूजते हैं, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के हत्यारे गोडसे को पूजते हैं।

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