ऋषिकेश- उत्तराखंड में जल्द ही तपोवन के गर्म पानी से होगी बिजली पैदा

त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून _ उत्तराखंड में अब जल्द ही तपोवन के गर्म पानी से बिजली पैदा होगी। आइसलैंड की वर्किस कंपनी के विशेषज्ञों ने तपोवन के सभी गर्म पानी के स्त्रोतों की जांच पड़ताल के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को दी है। इसमें उन्होंने भूतापीय ऊर्जा (जियोथर्मल एनर्जी) से बिजली बनाने के लिए तपोवन क्षेत्र को अनुकूल बताया है। राज्य सरकार ने भूतापीय ऊर्जा से बिजली बनाने के लिए आइसलैंड की वर्किस कंपनी से करार किया है। कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने यूजेवीएनएल के अधिकारियों के साथ बीते 25-27 मार्च के बीच तपोवन और उसके आस-पास के संभावित भू-तापीय स्थलों का दौरा किया। उन्होंने 80 के दशक में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की ओर से ड्रिल किए गए गर्म झरनों, ठंडे झरनों और भू-तापीय बोरवेल की जांच पड़ताल की। जीएसआई ने जो बोरवेल ड्रिल किए थे, उनमें से एक बोरवेल में 240 से 300 लीटर प्रति मिनट की दर से पानी निकल रहा है, जिसका तापमान 77.1 डिग्री पाया गया। विशेषज्ञ टीम ने इस बोरवेल को भूतापीय ऊर्जा से बिजली बनाने के लिए सबसे मुफीद माना है। टीम ने यहां स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। माना है कि ज्योतिर्मठ में करीब 5000 घरों के लिए इस ऊर्जा का उपयोग किया जा सकता है। यह टीम राज्य के 40 गर्म पानी के स्त्रोतों का अध्ययन करेगी। सरकार की योजना है कि तपोवन व अन्य ऐसे गर्म पानी के स्त्रोत वाले क्षेत्रों में जहां बिजली नहीं बन सकेगी, उन्हें स्पा के तौर पर तैयार किया जाएगा। ताकि पहाड़ की ठंडी वादियों में पर्यटक गर्म पानी के स्विमिंग पूल, टूरिस्ट रिजॉर्ट व इसी प्रकार की सुविधाओं का लाभ उठा सके। इससे भविष्य में एक नए तरह के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

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