ऋषिकेश- अल्मोड़ा में मानसखंड विज्ञान केंद्र का मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअली लोकार्पण
त्रिवेणी न्यूज 24
अल्मोड़ा _ उत्तराखंड के अल्मोड़ा में मानसखंड विज्ञान केंद्र की स्थापना हो गई है। इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअली किया। केंद्र में वैज्ञानिक उपकरणों से युक्त एक प्रयोगशाला भी स्थापित की गई है। करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए इस मानसखंड विज्ञान केंद्र का लाभ अल्मोड़ा समेत पूरे कुमाऊं समेत उत्तराखंड के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिलेगा। उत्तराखंड के सबसे बड़े मानसखंड विज्ञान केंद्र में बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने के लिए कई गैलरियां बनाई गई हैं। इन गैलरियों में जलवायु परिवर्तन, आयुर्वेद समेत विज्ञान के तमाम विषयों को वैज्ञानिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। मानसखंड विज्ञान केंद्र के लोकार्पण अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में स्थापित हुए इस मानसखंड विज्ञान केंद्र के माध्यम से विज्ञान में रुचि रखने वाले स्कूली बच्चों में विज्ञान के प्रति नई चेतना विकसित होगी। वहीं यह पूरे कुमाऊं क्षेत्र के लिए काफी लाभकारी सिद्ध होगा।
उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉक्टर दुर्गेश पंत ने कहा कि यह केंद्र कुमाऊं में विज्ञान की क्रांति लाएगा। वो समाज बहुत अच्छा कार्य करता है, हर रूप में जहां विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा मिलता है। इसमें सीखने और सिखाने के लिए कई सारी गैलरियां हैं। यह विज्ञान प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा केंद्र बना है। इसमें बच्चे खेल-खेल में विज्ञान को सीख सकते हैं। वहीं यह शोधार्थियों के लिए भी काफी लाभकारी सिद्ध होगा। इससे विज्ञान पर्यटन के क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। यहां बनाई गैलरियों में जलवायु परिवर्तन, आयुर्वेद समेत विज्ञान के तमाम विषयों को वैज्ञानिक तरीके से पेश किया गया है। मानसखंड विज्ञान केंद्र युवाओं को नवीन और रचनात्मक गतिविधियों में शामिल होने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। इस केंद्र का अंतर निहित विचार ये है कि व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से वैज्ञानिक और आलोचनात्मक विचार के साथ समस्या का समाधान करने की क्षमता को भी विकसित किया जाएगा। केंद्र में वैज्ञानिक उपकरणों से लैस एक प्रयोगशाला भी बनाई गई है। यह सुविधा पंजीकृत सदस्यों के लिए उपलब्ध होगी। जबकि, छात्रों, शिक्षकों और संस्थाओं के लिए मामूली भुगतान के आधार पर खोली जाएगी।
