ऋषिकेश- त्यूनी अग्निकांड में नायब तहसीलदार सहित चार फायरकर्मी निलंबित

त्रिवेणी न्यूज 24
देहरादून- त्यूनी पुल के पास हुए अग्निकांड का शुक्रवार को जिलाधिकारी सोनिका ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान राहत कार्यों में लापरवाही को लेकर डीएम ने नायब तहसीलदार और चार फायरकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया है। वहीं डीजीपी ने घटना की जांच पुलिस उपमहानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती को सौंपी है। वहीं मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये देने की भी घोषणा की है। जिलाधिकारी सोनिका ने मौके पर परिजनों और स्थानीय लोगां से अग्निकांड की विस्तार से जानकारी ली। साथ ही परिजनों को ढांढ़स बंधाया। ग्रामीणों ने राहत और बचाव कार्यों में लापरवाही की शिकायत डीएम से की। जिसके बाद डीएम सोनिका ने नायव तहसीलदार और फायर सर्विस के चार कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने त्यूणी अग्निकांड की जांच पुलिस उपमहानिरीक्षक फायर निवेदिता कुकरेती को सौंपी है। उन्हें तीन दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। बताया कि जांच में किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी की कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार शाम करीब पांच बजे त्यूनी पुल के पास एक बहुमंजिला इमारत में एलपीजी सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई थी। आग इतनी विकराल थी कि इसमें जिंदा जलकर चार मासूम बच्चों की मौत हो गई। शिक्षा विभाग से सेवानिवृत कर्मचारी सूरतराम जोशी के इस चार मंजिला मकान में उनके अलावा पांच परिवार किराये पर रहते हैं। आग की घटना के दौरान घर के अंदर किराये पर रहने वाले पांच बच्चे, दो पुरुष और एक महिला मौजूद थे। किराएदार विक्की की पत्नी कुसुम किचन में रसोई गैस सिलिंडर बदल रही थीं, कि इसी बीच सिलेडर ने आग पकड़ ली। जल्न्द ही आग ने लकड़ी से बने इस मकान को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते अफरातफरी मच गई। शोर सुनकर ग्रामीणा मौके पर पहुंचे। सूचना पर फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची, लेकिन, वाहन में पानी कम होने के कारण आग पर काबू नहीं पा सकी। मकान में रखे अन्य सिलेंडर भी धमाके के साथ फट गए। फायर बिग्रेड के जब तक पानी लेकर वापस लौटी मकान धूं धूं कर जल उठा। इस दौरान घर में मौजूद चार बच्चे जिंदा जल गए। जबकि विक्की चौहान, भगत, कुसुम और स्वाती (15) झुलस गए।

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